बावरची , जी हाँ आप में से कई लोग इस फिल्म को पहले भी देख चुके होंगे । पर उस दिन जब यही फिल्म टीवी पर देखी तो कई बातें दिमाग में फिर से घूम गयीं। सच ही तो है छोटी छोटी खुशियों में ही तो जिंदगी का रस है , अगर उनको ignore करते जाओ तो कितना मुश्किल हो जाएगा थोड़े दिनों में जीने का मकसद तलाश पाना। It is so simple to be difficult, but it is so difficult to be simple. और भी तमाम प्यारी प्यारी बातों से सबक निकालते हुए यह फिल्म शायद इस बात की ओर भी इशारा करती है कि किस स्तर पर सामाजिक चेतना को जाग्रत करने की जरूरत है ।
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